राग तिलंग
| Time | 6 PM TO 8 PM |
|---|---|
| राग तिलंग | राग तिलंग खमाज थाट का एक संध्या में गाया जाने वाला राग है। रागमाला में यह राग हिंडोल की रागिणी के रूप में शामिल है, और यह खमाज थाट का राग है। इस्लामिक सूफी परंपरा के साथ साथ ठुमरी और गज़ल जैसी आधुनिक गायन शैलियों में भी राग तिलंग का बहुत उपयोग किया जाता है। इसका मिजाज़ नज़ाकत से भरा, थोड़ा सा रूमानी है, लेकिन उसमें चाह भी है। इस राग को सामान्यतः मध्य सप्तक में गाया जाता है, परंतु यह तीनों सप्तक में गाने के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है। |
| थाट | खमाज |
| जाति | औडव - औडव |
| वादी | ग |
| संवादी | नि |
| आरोह | सा ग म प नि सां |
| अवरोह | सां नि॒ प म ग सा |
| पकड | म प नि सां नि॒ प ग म ग सा |
Filmi song
1 chup gye sare najare hay kya..
2 meri kahani bhulne vale tera janha..
3 rahte the kabhi jinke dil me..
1 chup gye sare najare hay kya..
2 meri kahani bhulne vale tera janha..
3 rahte the kabhi jinke dil me..